Khatu shyam ji Shyam Baba
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रावण की पूजा किये जाने वाली स्थान

 Ravana worship in india  प्रकाण्ड पण्डित लकांधिपति रावण को जहा बुराई और अहंकार का प्रतीत मानकर उसका पुतला जलाया जाता है वही देश में कुछ जगह ऐसी है जहा रावण की पूजा की जाती है , कुछ तो खुद को रावण का रिश्तेदार मानकर रावण के पुतला दहन का विरोध ही नही करते अपितु पूजा भी करते है |

बिसरख :- नोएडा के पास बिसरख गॉंव रावण की जन्मस्थली माना जाता है और वहॉं रावण का दहन नही वरन् पूजन किया जाता है।

बैजनाथ :-हिमाचल प्रदेश के कागॅडा जिले के ग्राम बैजनाथ को रावण की तपस्या स्थली माना जाता है वहॉं रावण ने सैकडो वर्षो तपस्या की थी वहा रावण दहन नही वरन् दशहरे को अवकाश रख उत्सव मनाया जाता है ।
भारद्वाज आश्रम इलाहाबाद :- ये लकांपति रावण की शौर्य स्थली मानी जाती है यहा रावण के पूरे परिवार को अलग अलग रथो पर सवार करवा शोभा यात्रा के रूप मे नगर भ्रमण करवाते है और लोग फूलमाला पहना पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत करते है यहॉं भी रावण का दहन नही बल्कि बारात के रूप मे शोभा यात्रा निकाल सम्मान किया जाता है ।
झाझोड :-राजस्थान के उदयपुर के ग्राम झाझोड रावण की अमरत्व स्थली हे यहॉं पर ही भगवान शिव ने रावण की नाभि मे अमृत कुण्ड स्थापित किया था रावण ने भी यहॉं एक मन्दिर की स्थापना की जो आज कमलनाथ महादेव मन्दिर के नाम से जाना जाता हे यहॉ शिवजी की पूजा से पहले रावण की पूजा की जाती है ।
मन्दसौर :-मध्य प्रदेश का ये शहर रावण का ससुराल था , रावण की धर्मपत्नी मंदोदरी का पीहर यहॉं नामदेव समाज की महिलाऍ आज भी रावण के मन्दिर के सामने से घूघँट निकाल कर आती जाती है यहा रावण दहन नही बल्कि दामाद रूप में देखा जाता है ।
अलवर :- राजस्थान के अलवर स्थित पार्शवनाथ मन्दिर में रावण की मूर्ति स्थापित है | माना जाता है की इस मंदिर का निर्माण खुद रावण ने करवाया था |
कानपुर :- यहॉं रावण का मन्दिर है जो साल मे सिर्फ एक दिन दशहरे को ही खोला जाता है । ककीनाडा :- आन्ध्रापदेश के काकीनाडा मे स्‍िथत रावण मंदिर मे बहुत ही विशाल शिवल्रिग स्थापित है इसकी पूजा देखभाल स्थानीय मछुआरो द्वारा की जाती है ।
मन्डोर :-राजस्थान के जोधपुर के ग्राम मन्डोर मे भी रावण की पूजा यहॉ रहने वाले मुद्गल गोत्रीय ब्राम्हिणो द्वारा की जाती है वे स्वंय को रावण का वशंज मानते है तथा दशहरे को पिण्ड दान करते है । यह जगह रावण का ससुराल थी |
इन्दौर :-मघ्यदप्रदेश के इन्दौर शहर के परदेशी पुरा और सुखिलया क्षैत्र मे भी रावण की पूजा दशहरे को की जाती है सुखलिया में रावण का छोटा सा मन्दिर भी है और परदेशीपुरा मे गौहर परिवार द्वारा विशाल मन्दिर बनवाया जा रहा है ।।


बोलो लंकपति महाज्ञानी राजाधिराज रावण की जय ।

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