Khatu shyam ji Shyam Baba
15 May Mohini Ekadashi Shyam Darshan खाटू श्याम जी का खजाना लुटते है रंगभरी होली के दिन भक्त 18 March Falgun Shukal Dwadashi Shyam Darshan 2019 नेपाल से खाटू निशान यात्रा साइकिल से 16 March Shyam Darshan Khatu Temple Falgun Mela 2019 Decoration संजय मित्तल पदयात्रा पहुंची खाटू , हुआ भव्य स्वागत Live Falgun Mela 2019 Khatu Shyam ji






॥ श्री श्याम शायरी ॥



जय हो तुम्हारी,जय हो तुम्हारी,मोर्वीनंदन श्याम बिहारी
कलयुग के हो भव-भयहारी ,भगतों के हो तुम हितकारी
खाटूवाले श्याम बिहारी,जय हो तुम्हारी,जय हो तुम्हारी !!
जितना दिया सरकार ने उतनी मेरी औकात नहीं
ये तो करम हैं मेरे श्याम का वरना मुझमे ऐसी कोई बात नहीं
जब जब भी इसे पुकारा ये दौड़ा दौड़ा आया
ये करम है तेरा दाता इस निर्बल को अपनाया
हारे के सहारे बाबा श्याम हमारे || शीश के दानी श्याम भक्तो के बनाये काम ||






ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेव
राधे राधे ..... कृष्णा कृष्णा ..... जय श्री राधे कृष्णा
ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
मस्तक इसके स्वर्ण विराजे ये मतवाली अंखोंवाला है
कितना मोहक लगता है ये कितना लगता प्यारा है..
कानों में कुंडल साजे इसके ये सूर्यचन्द्र का उजियारा है,
हवा में सरसर करता पीताम्बर बड़ा ही मतवाला है..
इसकी छवि मन को अति भावे हर खेल इसका निराला है,
लट घुंगराले बाल हैं इसके ये खाटूश्याम नाम का प्याला है..
जिंदगी में कई मोड ऐसे मिले ना कोई राह
थी ना इशारे मिले
घबरा के मैंने प्रभु को पुकारा प्यारे प्रभु ने मंजिल दिखाई चाहते श्याम की आरजू श्याम की मै तो माला जपू
श्याम के नाम की
श्वासों पे मेरे कह्नैया का हक हैं कह्नैया ने प्रीत
की रीत निभाई
हारे के सहारे की जय
मोहन से लगन हुआ मन मधुवन जब मुझे इनका प्यार मिला
तब से जीवन की नैया को एक अनुपम खेवनहार मिला
डगमग डगमग नैया थी मेरी साहिल को पाना मुश्किल था
कमजोर ह्रदय संताप भरा मै शक्तिहीन ना काबिल था
जब लग लड़ कर मै हार गया मुझे सुमरण का आधार मिला
मेरे मन में है श्याम, मेरे तन में है श्याम ।
मेरे नैनो की नगरिया में श्याम है ॥
मेरे रोम रोम के है श्याम ही रमिया,
साँसों के स्वामी, मेरी नैया के खिवैया।
कण कण में हैं श्याम, त्रिभुवन में हैं श्याम,
नीले नभ की अटरिया में श्याम है॥
जनम जनम का जिन से है नाता,
मन जिन के पल छीन गुण गाता।
गुण धुन में है श्याम, रन झुन में है श्याम,
सारे जग की डगरिया में श्याम है॥
जहाँ कहीं देखूं वहीं श्याम की है माया,
सब ही के साथ श्री श्याम जी की छाया ।
सुमिरन में है श्याम , दर्शन में है श्याम,
मेरे मन की मुरलिया में श्याम है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा हैं
करते हो तुम कह्नैया मेरा नाम हो रहा हैं
पतवार के बिना ही मेरी नाव चल रही हैं
बिन मांगे हे कह्नैया हर चीज मिल रही हैं
अब क्या बताऊ मोहन आराम हो रहा हैं
मेरी जिंदगी में तुम हो किस बात की कमी हैं
मुझे और अब किसी की परवाह भी नहीं हैं
तेरी बदौलतो से सब काम हो रहा हैं
ये प्रार्थना दिल की बेकार नहीं होगी पूरा हैं भरोसा मेरी हार नहीं होगी
सांवरे जब तू मेरे साथ हैं सांवरे जब तू मेरे साथ हैं
विश्वास नानी और द्रोपदी का रंग लाया
बहना का भाई बन खुद सांवरा आया
इज्जत ज़माने में शर्मसार नहीं होगी पूरा हैं भरोसा मेरी हार नहीं होगी
मै हार जाऊ ये कभी हो नहीं सकता
बेटा अगर दुःख में पिता सो नहीं सकता
बेटे की हार तुम्हे स्वीकार नहीं होगी पूरा हैं भरोसा मेरी हार नहीं होगी






मनमीन मुनियों के जहाँ, वह वंशी-मयी रसधार यही है
शुकदेव से ज्ञानी को तारने की, तिरछे दृग की तलवार यही है
ब्रजवासियों का ये स्नेह सरता, और गोपियों का दिलदार यही है
दिल लूट लिया जिसने हमरा, वह सांवरा नन्द कुमार यही है.
जीवन की घड़ियाँ है अनमोल
केशव माधव हरि-हरि बोल
नाम प्रभु का है सुखकारी
संकट कटते पल मेँ भारी
नाम का अमृत पीले घोल
केशव माधव हरि-हरि बोल
जगत के रंग क्या देखू तेरा दीदार काफी हैं
करू मैं प्यार किस किस से तेरा इक प्यार काफी हैं
नहीं चाहिए ये दुनिया के निराले रंग ढंग मुझको
तेरे भक्तो से हो प्रीती तेरा परिवार काफी हैं
सुन ले ओ सांवरिया मुझे तेरा ही सहारा
तेरा ही सहारा मुझे तेरा ही सहारा
दरबार हजारों देखे हैं पर तेरा जैसा कोई दरबार नहीं
जिस गुलशन में तेरा नूर ना हो ऐसा तो कोई गुलज़ार नहीं
दुनिया से भला मैं क्या मांगू दुनिया तो एक भिखारिन है
माँगता हूँ तुमसे मैं श्याम जहाँ होता कभी इनकार नहीं
मेरे शीश के दानी का सारे जग मे डंका बाजे
मेरे वीर लखानी का सारे जग मे डंका बाजे
यह वाहरे न्यारे करता है
भगतो की झोलिय भरता है
इस महा बल्दानी का सारे जग मे डंका बाजे
दीन दयाल दया का सागर
हारे का यह सहारा है...
दिल में बसालो "श्री श्याम" की सूरत
सुन्दर श्याम हमारा है...!!!
|| जय जय श्री श्याम ||
श्याम बिन अजीब सी है दिल की हालत मेरी राधे
आज श्याम प्रेम मधु मुझे भी चखा दे
कैसे रिझाऊँ इस चित्तचोर साँवरिया को
इस श्याम प्रेम सरोवर का राज़ मुझे बता दे ....
आँखों में मेरे खवाब हैं की दर्शन मिले तेरा..
रहा अकेला इस दुनिया में, ना कोई श्याम मेरा..
जब जब रहा मैं अकेला, श्याम तुझे है मैंने पाया..
आकर तेरी चौखट पर ही चैन मुझे है आया..
कैसे करू कान्हा मैं तेरा श्रृंगार
पायल पहनाऊ मैं पग में
चरणों से तेरे लिपट लिपट जाऊ
मैं तो श्याम तेरे गुण गाऊ
चाहे न जानू मैं करना तेरा गुणगान
फिर भी अपनी अटपटी भाषा में
हरदम सिमरु मैं तेरा नाम
कोई कर यतन कोई कर प्रयास
बुला ले मोहे अपने चरणों के पास
चाहे मुझे बुला ले या खुद आ
अब तो कर रही सारी दुनिया इंतज़ार
तेरे सब भक्तो को हैं बस तेरा सहारा मेरे श्याम
अब आ जा अब न देर लगा
देख कैसे हैं जुल्मो की आंधी छाई
अब आ जा अब आ जा

View More....