|| मोर्वी नंदन श्याम की जय ||

निशान चढाने की विधि खाटू श्याम जी के

निशान पूजन विधि और नियम

फाल्गुन मेला आने वाला है, बहुत से श्याम भक्त बाबा का निशान लेकर खाटू धाम जायेंगे, जिनमे कुछ भक्त काफी वर्षो से जाते है एवं कुछ यह विचार कर रहे होंगे की इस वर्ष से निशान लेकर जाना प्रारंभ किया जाये, निशान के कुछ अपने नियम होते है आइये हम सब जाने क्या है वो नियम, मुझे लगता है शायद मेरा यह लेख उन श्याम भक्तो के लिए उपयोगी साबित हो जो पहली बार निशान लेकर बाबा के दरबार जायेंगे.....

 निशान पूजन विधि

1. सर्व प्रथम शुस्नान करें। और जिस स्थान पर निशान पूजन करना है उसे जगह को भी पानी से साफ़ कर ले |

2. डंडे में निशान डालकर ऊपर मोरपंख, पुष्प माला एवं चांदी के छत्तर को डोरी से बाँध् कर निशान तैयार कर लें।

3. अपने गले व कमर में रंगीन केशरिया दुपट्ट्टा डालें।

4. अब धुप, दीप, कपूर, चंदन, इत्रा गट एवं प्रसाद तैयार करके बाबा का दीपक या ज्योत ;जो भी संभव होद्ध प्रज्जवलित करें।

5. पूजा करते समय अपने समक्ष साँवले सरकार की तस्वीर रखें तो अच्छा है।

6. भजन कीर्तन एवं बाबा की जय जयकार द्वारा पूजा शुभारम्भ करें।

7. भजनों के उपरांत श्री श्याम प्रभु एवं हनुमान जी की आरती करें।

8. मेवा मिश्री का प्रसाद उपस्थित श्याम भक्तों मे वितरण करें।

9. श्री श्याम निशान पर इत्र अर्पण करें।

10. श्याम भक्तों पर भी केशर, तिलक एवं इत्र छिड़के |

11. अब कमर पर निवार पट्ट्टी में लोहे की कटोरी डालकर उसे बांध् लें।

12. श्री श्याम प्रभु की भरपूर जय-जयकार करते हुए श्याम निशान को हाथों में धरण करें।

13. अब भजन कीर्तन करते हुए निशान यात्रा, दृढ़ संकल्प के साथ आरम्भ करें।

14. श्री श्याम निशान पदयात्रा के दौरान बिना कहीं रूके, बिना खाये-पिये भक्तजन खड़े निशान प्रभु की भेंट चढ़ाते हैं अथवा आवश्यकतानुसार विश्राम एवं चाय-पानी का नाश्ता लेते हुए भी लाखों भक्तजन अपने प्रभु को निशान अर्पण करते हैं।

15. यात्रा के दौरान घर-गृहस्थी व व्यापार व अन्य किसी तरह की दुनियादारी की बाते ना करे बस श्याम मंत्र ॐ जय श्री श्याम देवाय नमः का जाप करे | जहा तक हो सके रास्ते में किसी भंडारे पर ना रुके और ना ही कुछ खाए और पिए | आप पानी अपना ही पिये और खाना भी स्वयं का खाए पर निशान की गरिमा ना गिरे |

16. यात्रा के दौरान विश्राम हेतु निशान कहीं शु स्थान पर ही रखें एवं दोबारा यात्रा आरम्भ करने के लिए पहले हाथों को जल से पिफर शु कर लें। ;कृपया निशान हाथ में लिए कभी भी मल-मूत्रा न त्यागें एवं न ही चाय-पानी या नाश्ता करेंद्ध।

17. निशान यात्रा में नंगे पांव ही ज्यादा उत्तम है अथवा कपड़े के जूते या रबड़ की चप्पल पहनें। चमड़े के जूते या चप्पल नहीं पहनें।

18. यात्रा पूरी करते हुए खाटू धाम पहुँचकर श्री श्याम मन्दिर में भजन गाते एवं सवामण की पफेरी देते हुए जय जयकार के साथ अपना निशान श्री श्याम प्रभु के चरणों मे समर्पित करते हुए बाबा की असीम कृपा एवं अनमोल आशीर्वाद से नीचे से खड़े होकर जय जयकार करते हुए सौंप दें। श्री श्याम जी के साथ, हनुमान जी के निशान उठाने वाले भक्तजन उस हनुमान जी के निशान को मन्दिर द्वार पर स्थित हनुमान मन्दिर में ही चढ़ायें।

19. श्री श्याम निशान अर्पण करने के बाद उपस्थित श्याम भक्तों के धोक खाकर एवं गले मिलकर आपस में बधाईयां बांटें ताकि आपकी यह संकल्प निशान यात्रा खुशियों के रूप में प्रफुलित हो।

20. जय श्री श्याम, जय श्री श्याम खाटूवाले बाबा, जय श्री श्याम। सिमरण से होवे कल्याण, जय श्री श्याम बाबा जय श्री श्याम का गुणगान करें।

जय श्री श्याम ।

श्याम बाबा से जुड़े यह लेख भी जरुर पढ़े ..


खाटू श्याम में दर्शनीय स्थल और मंदिर

खाटू श्याम जी के महान भक्त

कैसे करे श्याम बाबा की पूजा

फाल्गुन मेला 2017

खाटू श्याम बाबा की आरती

खाटू श्याम निशान यात्रा

shri khatu shyam ji